बनारस, गंगा नदी के किनारे स्थित यह पुरानी शहर अपनी सांस्कृतिक विरासत और अनूठी परंपराओं के लिए जाना जाता है। मासन की होली, यहां का एक असाधारण उत्सव है, जो फाल्गुन मास की पूनम तिथि को मनाया जाता है। यह साधारण होली से बिल्कुल अलग है, क्योंकि इसमें मासण समुदाय के लोग शामिल होते हैं। ये लोग, जो मुख्य
मसान होली का रंग
पर्व की उत्साह में रंग खेलना व्यवहारिक बन गया है। होली का रंग मृत्यु का प्रतीक होता है, लेकिन आजकल यह सिर्फ एक रंग हो गई है। मंदिरों में भक्ति की आवाजें गूंज रही हैं। होली पर हम सबको चाहिए कि हम अपनी राष्ट्रपति को याद करें।
उन रंगों में डूबने से पहले, हमें थोड़ा सोचना चाहिए। क्या होली का
दफ़न पर रंगों की होली
हर कोई इस त्योहार का आनंद लेता है, परंतु कुछ लोग इसे दुखी भी महसूस करते हैं।
दूसरी ओर, यह त्यौहार हमें अपनी पीड़ाओं से दूर रखता है
- धरती पर रंगों का आनंद लेना चाहिए
- होली का त्यौहार रंगों और धुल से भरा होता है
वाराणसी की अनोखी मस्जिद
वाराणसी
Sacred Abode of Lord Shiva
The abode of the cosmic dancer, Lord Shiva, is a plane of bliss. Nestled amidst the Himalayas, his dwelling place represents the nature of {universal power. It is a sanctuary for those seeking moksha and a testament to the awe-inspiring power of Lord Shiva.